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दूतकैया हिंसा मामले में सर्व हिंदू समाज का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और एसआई को बर्खास्त करने की मांग तेज

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25 मई 2026 | गरियाबंद

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दूतकैया (खपरी) गांव में 1 फरवरी 2026 को हुई हिंसा का मामला अब लगातार राजनीतिक और सामाजिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को सर्व हिंदू समाज और ग्राम विकास समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने राजिम स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एसआई जीवन साहू को तत्काल बर्खास्त करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी भी की गई।

पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय एक पक्ष के आधार पर कार्रवाई कर रही है और गांव के निर्दोष युवाओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना के बाद कई युवाओं को हिरासत में लेकर उनके हाथों में लाठी, डंडे और तलवार देकर तस्वीरें खिंचवाई गईं, ताकि उन्हें अपराधी साबित किया जा सके। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचनामा और अन्य दस्तावेजों के नाम पर कोरे कागजों में हस्ताक्षर करवाए गए, जिनका बाद में केस डायरी और गवाही के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

बाहरी लोगों की भूमिका पर उठे सवाल

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि हिंसा में बाहरी लोगों की संलिप्तता होने के बावजूद स्थानीय ग्रामीणों को ही आरोपी बनाया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई नामजद लोगों पर अवैध कब्जा, धमकी और मारपीट जैसे आरोप होने के बावजूद पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। सर्व हिंदू समाज ने आरोप लगाया कि हिंदू पक्ष की ओर से दिए गए साक्ष्यों और शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष के बयानों के आधार पर लगातार कार्रवाई हो रही है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पुलिस प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और एसआई जीवन साहू के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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