जशपुर में बन रहा 250 सीटर नालंदा परिसर: 24 घंटे स्टडी, डिजिटल लाइब्रेरी और 50 हजार किताबों की सुविधा मिलेगी
रायपुर, 20 जून 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत सलियाटोली ग्राम में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। लगभग 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस 250 सीटर अत्याधुनिक परिसर के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर युवाओं को अध्ययन, मार्गदर्शन और आत्मविकास के लिए आधुनिक एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराएगा। यह केंद्र जशपुर जिले के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना का प्लिंथ लेवल कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
24 घंटे अध्ययन और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा परिसर
निर्माणाधीन नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को 24 घंटे अध्ययन की सुविधा मिलेगी। परिसर में इंडोर और आउटडोर स्टडी जोन, ऑक्सी रीडिंग जोन, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई जोन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 50 हजार से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था की जाएगी।
सौर ऊर्जा और हरित वातावरण पर विशेष जोर
परिसर को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी। साथ ही यहां 50 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर और प्राकृतिक वातावरण मिल सके।
यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं
युवाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अलावा आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान व्यवस्था और आधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली जैसी स्मार्ट सुविधाएं इसे तकनीक-सक्षम अध्ययन केंद्र का स्वरूप प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण शैक्षणिक केंद्र युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के बेहतर अवसर प्रदान करेंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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