युद्ध के साये में 3 महीने समुद्र में फंसे रहे रायपुर के नेवी अधिकारी, सिर के ऊपर से गुजरती थीं मिसाइलें
रायपुर, 15 जून 2026
समुद्र के बीचों-बीच खड़ा एक कार्गो जहाज, चारों तरफ युद्ध का माहौल, आसमान में मंडराते ड्रोन, दहाड़ते फाइटर जेट और सिर के ऊपर से गुजरती मिसाइलें। यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि रायपुर के युवा मर्चेंट नेवी अधिकारी रुद्रांश चौबे की वास्तविक कहानी है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के दौरान रुद्रांश करीब तीन महीने तक दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास फंसे रहे। यूरिया लेकर कतर से रवाना हुआ उनका जहाज अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था, लेकिन अचानक बदले भू-राजनीतिक हालात ने पूरी स्थिति बदल दी।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण समुद्री गतिविधियां प्रभावित हुईं और होर्मुज का मार्ग बाधित हो गया। इसके चलते उनका जहाज समुद्र के बीच ही रुक गया। वापसी की उम्मीदें अनिश्चितता में बदल गईं और हर गुजरते दिन के साथ खतरा बढ़ता गया।
रुद्रांश ने बताया कि शुरुआती दिनों में उनके जहाज के ऊपर से लगातार मिसाइलें और ड्रोन गुजरते थे। आसपास फाइटर जेट की आवाजें सुनाई देती थीं और हर पल यही डर बना रहता था कि कहीं युद्ध की आग उनके जहाज तक न पहुंच जाए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई ऐसे जहाज दिखाई देते थे जो बाहर से सामान्य नजर आते थे, लेकिन उनके पिछले हिस्से हमलों में क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
उन्होंने कहा कि जब भी किसी जहाज पर हमला होता था, उसकी जानकारी रेडियो के माध्यम से मिल जाती थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में जहाज के कप्तान ने सभी क्रू मेंबर्स को एक ही सलाह दी थी कि वे खुद को काम में व्यस्त रखें। यही सलाह पूरे दल की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई और भय के माहौल में भी सभी ने संयम बनाए रखा।
समुद्र के बीच फंसे रहने के दौरान रुद्रांश लगातार अपने परिवार के संपर्क में रहे। वहीं हजारों किलोमीटर दूर उनका परिवार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करता रहा। अब रुद्रांश सुरक्षित रायपुर लौट चुके हैं, हालांकि उनका जहाज अभी भी उसी क्षेत्र में मौजूद है।
रुद्रांश के पिता डॉ. विजय कुमार चौबे ने बताया कि वे लगातार बेटे की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते रहे। बातचीत के दौरान रुद्रांश हमेशा खुद को सुरक्षित बताते थे, लेकिन घर लौटने के बाद उन्होंने उन तनावपूर्ण परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया जिनका सामना उन्हें करना पड़ा था।
फिलहाल रुद्रांश अवकाश पर अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। हालांकि मर्चेंट नेवी से दोबारा बुलावा आने पर उन्हें फिर ड्यूटी पर लौटना पड़ सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि उनकी अगली पोस्टिंग उसी क्षेत्र में हो।
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