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वेब सीरीज़ ‘चिरैया’ ने मैरिटल रेप जैसे मुद्दे पर छेड़ी बहस, सहमति और समाज की सोच पर उठे सवाल

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रायपुर, 13 अप्रैल 2026

हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज़ ‘चिरैया’ ने भारत में मैरिटल रेप जैसे संवेदनशील और विवादित मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह सीरीज़ जियोहॉटस्टार पर रिलीज होने के बाद तेजी से लोकप्रिय हुई है और लाखों दर्शकों तक पहुंच चुकी है।

सहमति और रिश्तों की सच्चाई पर आधारित कहानी

सीरीज़ की कहानी दो महिलाओं-कमलेश और पूजा-के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी सोच और जीवनशैली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। जहां कमलेश पारंपरिक सोच का प्रतिनिधित्व करती हैं, वहीं पूजा समानता और अधिकारों में विश्वास रखने वाली आधुनिक महिला है। शादी के बाद जब पूजा अपने पति के व्यवहार का विरोध करती है, तो सामने आता है कि समाज में सहमति को लेकर अब भी गहरी गलतफहमियां मौजूद हैं।

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समाज की सोच और पितृसत्ता पर सवाल

सीरीज़ यह दिखाती है कि किस तरह कई महिलाएं शादी के भीतर होने वाली हिंसा को अपनी मजबूरी मानकर चुप रहती हैं। परिवार और समाज की ओर से ‘समझौता’ करने की सलाह, इस समस्या को और जटिल बना देती है। कहानी के माध्यम से यह भी दर्शाया गया है कि पितृसत्तात्मक सोच किस तरह सामान्य व्यवहार का हिस्सा बन चुकी है।

कानूनी बहस का मुद्दा फिर हुआ चर्चा में

भारत में मैरिटल रेप अब भी कानूनन अपराध घोषित नहीं है, जिसे लेकर लंबे समय से बहस जारी है। इस विषय पर कई याचिकाएं अदालतों में लंबित हैं, वहीं सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी मतभेद बने हुए हैं। सीरीज़ ने इस कानूनी और सामाजिक मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।

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सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रतिक्रियाएं

जहां एक ओर दर्शकों और समीक्षकों ने इस सीरीज़ की सराहना की है, वहीं कुछ लोगों ने इसे ‘पुरुष विरोधी’ और ‘शादी की परंपरा पर सवाल’ उठाने वाली सामग्री बताया है। इसके बावजूद, यह सीरीज़ समाज में संवाद शुरू करने में सफल रही है।

संवाद और बदलाव की पहल

निर्माताओं के अनुसार, इस सीरीज़ का उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करना है। यह कहानी दिखाती है कि बदलाव की शुरुआत घर से ही हो सकती है और सहमति जैसे विषयों पर खुलकर बात करना जरूरी है।

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