छत्तीसगढ़ में गौण खनिज नियमों में बड़ा संशोधन, अवैध खनन पर कड़ी सजा और पारदर्शिता पर जोर
रायपुर, 15 अप्रैल 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
बंद और शिथिल खदानों पर सख्ती
कैबिनेट ने उन खदानों के लिए कठोर प्रावधान लागू किए हैं, जो लंबे समय से बंद या शिथिल अवस्था में हैं। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक (रेंट) में 30 वर्षों बाद वृद्धि की गई है। साथ ही, ऐसी खदानों को ‘व्यपगत (लैप्स)’ घोषित करने के स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं, जिससे उनके संचालन को अनिवार्य बनाया जा सके।
अवैध खनन पर भारी जुर्माना
संशोधित नियमों में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत न्यूनतम 25 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। अवैध परिवहन के मामलों में वाहन या सामग्री की सुपुर्दगी के लिए जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है।
Ease of Doing Business को बढ़ावा
व्यवसाय करने में सुगमता (Ease of Doing Business) को ध्यान में रखते हुए रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र से जुड़े प्रावधानों को पूरे राज्य में एक समान लागू किया जाएगा। इससे प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
खनन प्रक्रिया को किया गया और सुदृढ़
इसके अलावा, उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध के बाद भूमि प्रवेश और पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी मजबूत किया गया है।
राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर फोकस
सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से खनिज संसाधनों का सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित होगा, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
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