2006 मालेगांव ब्लास्ट केस: Bombay High Court ने 4 आरोपियों को किया बरी, ट्रायल पर रोक
मुंबई। 2006 Malegaon Blast मामले में Bombay High Court ने अहम फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि मामला अब “डेड एंड” की स्थिति में पहुंच चुका है, जहां से सच्चाई तक पहुंचना बेहद मुश्किल है।
स्पेशल कोर्ट का आदेश रद्द
हाई कोर्ट ने बुधवार को उस स्पेशल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पिछले वर्ष National Investigation Agency (NIA) की चार्जशीट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। अदालत ने मनोहर नरवरिया की अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया।
चारों आरोपियों को राहत
अदालत ने राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर नरवरिया और लोकेश शर्मा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। इसके साथ ही इन आरोपियों के खिलाफ चल रहा ट्रायल भी समाप्त हो गया।
जांच पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि विभिन्न जांच एजेंसियों की परस्पर विरोधी थ्योरी ने पूरे मामले को उलझा दिया है, जिससे सच्चाई तक पहुंचना कठिन हो गया है। इस धमाके में 37 लोगों की मौत हुई थी।
जांच का क्रम
मामले की जांच फरवरी 2007 में Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई थी, जिसके बाद इसे National Investigation Agency (NIA) ने अपने हाथ में ले लिया। एनआईए ने आगे की जांच में इन चारों को आरोपी बनाते हुए नई चार्जशीट दाखिल की थी।
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