उतार-चढ़ाव के बीच लाल निशान में बंद हुआ बाजार, लेकिन मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में जमकर हुई खरीदारी
21 मई 2026 | मुंबई
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को पूरे दिन उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में शानदार खरीदारी ने बाजार का माहौल सकारात्मक बनाए रखा। दिन के अंत में BSE सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18 प्रतिशत गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 4.30 अंक टूटकर 23,654.70 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही, लेकिन बाजार की चौड़ाई मजबूत बनी रही और निवेशकों ने मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में जमकर खरीदारी की।
रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में दिखी मजबूती
सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.05 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 0.51 प्रतिशत और एनर्जी इंडेक्स में 0.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर IT और FMCG सेक्टर दबाव में रहे। निफ्टी IT इंडेक्स 0.56 प्रतिशत और FMCG इंडेक्स 0.51 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाई ताकत
ब्रॉडर मार्केट ने गुरुवार को मुख्य सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.63 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जबकि मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट रहा। बाजार की चौड़ाई भी पॉजिटिव रही, जहां 2,307 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए जबकि 1,688 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
लार्जकैप और मिडकैप शेयरों में कई कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया। ग्रासिम इंडस्ट्रीज 6.17 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर रहा। इसके अलावा अपोलो हॉस्पिटल्स 2.85 प्रतिशत और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) 3.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। मिडकैप सेगमेंट में हनीवेल ऑटोमेशन ने 14.87 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाई। कायन्स टेक्नोलॉजी 6.28 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस 6.11 प्रतिशत चढ़े। ब्रेनबीज सॉल्यूशंस और ग्लैंड फार्मा में भी 5 से 6 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।
रुपये में आई मजबूती
विदेशी मुद्रा बाजार में भी राहत देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर 96.20 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र के रिकॉर्ड निचले स्तर 96.82 से 62 पैसे की मजबूती दर्शाता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक जोखिम भावना में सुधार से रुपये को समर्थन मिला।
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