पश्चिम बंगाल की वीआईपी सीटों पर कड़ा मुकाबला, भवानीपुर से नंदीग्राम तक सियासी घमासान
कोलकाता। West Bengal Assembly Elections के पहले चरण के तहत आज सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। इस चरण में 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। मतदान के साथ ही राज्य की कई वीआईपी सीटों पर हाई-प्रोफाइल और कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, जिससे सियासी माहौल गर्म हो गया है।
भवानीपुर: ममता बनर्जी के लिए प्रतिष्ठा की सीट
कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां से मुख्यमंत्री Mamata Banerjee खुद मैदान में हैं। यह सीट उनका पारंपरिक गढ़ मानी जाती है और वह यहां से चौथी बार जीत दर्ज करने की कोशिश कर रही हैं।
ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से 2011, 2016 और 2021 (उपचुनाव) में जीत हासिल की थी। 2011 में उन्होंने 54,213 वोटों से, 2016 में 25,301 वोटों से और 2021 में 58,832 वोटों के अंतर से विजय पाई थी। इस बार भी इस सीट पर कुल 12 प्रत्याशी मैदान में हैं, हालांकि मुख्य मुकाबला हाई-प्रोफाइल बना हुआ है।
नंदीग्राम: अधिकारी बनाम टीएमसी की सीधी टक्कर
नंदीग्राम विधानसभा सीट भी राज्य की सबसे हाई-स्टेक्स सीटों में गिनी जा रही है। यहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari चुनाव मैदान में हैं।
2021 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था, जिसके बाद यह सीट और अधिक राजनीतिक रूप से अहम हो गई है। इस बार ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव नहीं लड़ रहीं हैं।
सुवेंदु अधिकारी को इस बार उनके पूर्व करीबी सहयोगी पबित्रा कर चुनौती दे रहे हैं, जो अब तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। कभी उनके करीबी रहे पबित्रा कर का मुकाबले में उतरना इस सीट को और दिलचस्प बना रहा है।
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