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TMC की बैठक में खुलकर दिखी अंदरूनी कलह, ममता के सामने ही अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर उठे सवाल

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20 मई 2026 | कोलकाता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली बड़ी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को कालीघाट में हुई पार्टी की आंतरिक बैठक में कई विधायकों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में ही संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए। खास तौर पर फाल्टा विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार जहांगीर खान द्वारा मतदान से ठीक पहले नाम वापस लेने के मुद्दे पर पार्टी के भीतर तीखी नाराजगी देखने को मिली।

फाल्टा सीट को लेकर उठे बड़े सवाल

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कोलकाता और हावड़ा के कुछ विधायकों ने पूछा कि जब जहांगीर खान ने चुनाव से दो दिन पहले अचानक नाम वापस ले लिया, तो उनके खिलाफ पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की। विधायकों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन का समर्थन मिलने के बावजूद जहांगीर ने चुनाव मैदान क्यों छोड़ा।

अभिषेक बनर्जी पर परोक्ष निशाना

बैठक में उठे कई सवालों को अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर परोक्ष हमला माना जा रहा है। फाल्टा विधानसभा सीट अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और जहांगीर खान को उनका करीबी माना जाता है। इसी वजह से विधायकों की नाराजगी सीधे तौर पर अभिषेक के राजनीतिक प्रबंधन पर सवाल खड़े करती दिखी।

जहांगीर खान को लेकर उड़ाया गया मजाक

सूत्रों के अनुसार, कुछ विधायकों ने बैठक के दौरान जहांगीर खान की राजनीतिक भूमिका और उनकी “अचानक वापसी” को लेकर तंज भी कसे। पार्टी के अंदर इस घटनाक्रम को संगठनात्मक कमजोरी और चुनावी रणनीति की विफलता के रूप में देखा जा रहा है।

करीब 15 विधायक बैठक से रहे गायब

बैठक में TMC के करीब 15 विधायक शामिल नहीं हुए, जिसने पार्टी नेतृत्व की चिंता और बढ़ा दी है। कुछ विधायकों ने स्वास्थ्य कारण बताए, जबकि मालदा के एक विधायक ने दिल्ली में होने की जानकारी दी। राजनीतिक हलकों में इसे भी पार्टी के भीतर बढ़ती दूरी और असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।

हार के बाद बढ़ा दबाव

पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद TMC लगातार दबाव में है। एक तरफ BJP सरकार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में फाल्टा सीट विवाद ने TMC की अंदरूनी राजनीति को और गर्मा दिया है।

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