# Tags
#Wildlife

खैरागढ़–राजनांदगांव बना देश का उभरता बर्ड हॉटस्पॉट, 296 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण; 58 के प्रजनन की पुष्टि

Screenshot (187)

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर स्थित खैरागढ़ और राजनांदगांव जिले अब देश के उभरते प्रमुख बर्ड हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं। हाल ही में प्रकाशित एक विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन ने इस क्षेत्र की जैव विविधता को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

वर्ष 2019 से 2025 के बीच किए गए अध्ययन में 296 पक्षी प्रजातियों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया गया, जो 18 गण (Orders) और 77 कुलों (Families) से संबंधित हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि यह क्षेत्र पक्षियों के लिए अत्यंत अनुकूल और समृद्ध आवास प्रदान करता है।

अध्ययन में पासेरीफॉर्मीस वर्ग का प्रभुत्व सामने आया, जो कुल प्रजातियों का 40 प्रतिशत से अधिक है। यह वर्ग पारिस्थितिक संतुलन का मजबूत संकेतक माना जाता है, क्योंकि इसमें छोटे, चहचहाने वाले और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील पक्षी शामिल होते हैं।

शोध की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 56 से 58 पक्षी प्रजातियों के प्रजनन की पुष्टि है। घोंसलों, अंडों, शावकों के पालन-पोषण और कॉलोनी निर्माण जैसे प्रमाणों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि यह क्षेत्र केवल प्रवासी पक्षियों का ठहराव स्थल नहीं, बल्कि स्थायी प्रजनन केंद्र बन चुका है।

अध्ययन में रिवर टर्न और एशियन ब्राउन फ्लाईकैचर का छत्तीसगढ़ में पहली बार प्रजनन रिकॉर्ड दर्ज किया गया। वहीं, सिनेरियस वल्चर की राज्य में पहली बार उपस्थिति भी सामने आई, जिसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि माना जा रहा है।

इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विविध भौगोलिक संरचना है। आर्द्रभूमि, घासभूमि, मैकाल पर्वतमाला के वन और मानव-परिवर्तित परिदृश्य मिलकर यहां एक संतुलित “मोज़ेक इकोसिस्टम” का निर्माण करते हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *