NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, महाराष्ट्र से लीक हुआ पेपर; सामने आया पूरा ट्रैवल रूट
12 मई 2026 | नई दिल्ली
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती जांच में जहां इस मामले का कनेक्शन राजस्थान से जुड़ा बताया जा रहा था, वहीं अब महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पेपर की पहली कॉपी महाराष्ट्र के नासिक में तैयार हुई थी और वहीं से लीक की शुरुआत हुई। हालांकि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि असली ‘गेस पेपर’ पुणे से निकला था। मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है।
सामने आया पेपर लीक का पूरा ट्रैवल रूट
जांच एजेंसियों के मुताबिक, NEET का पेपर नासिक में छपने से पहले ही लीक हो गया था। इसके बाद लीक पेपर हरियाणा के गुरुग्राम पहुंचा, जहां एक डॉक्टर तक इसकी कॉपी पहुंची। गुरुग्राम में पेपर के करीब 10 सेट तैयार किए गए।
इसके बाद पेपर राजस्थान के जयपुर पहुंचा और वहां से जमवारामगढ़ तथा सीकर भेजा गया। जांच में सामने आया है कि पेपर जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड तक भी पहुंचाया गया था।
पुणे कनेक्शन का भी खुलासा
पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपी ने कबूल किया है कि पेपर नासिक नहीं बल्कि पुणे से निकला था। आरोपी के बयान के बाद पुणे से भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
नासिक से गिरफ्तार आरोपी 30 वर्षीय छात्र बताया जा रहा है, जो BMS अंतिम वर्ष का छात्र है और मूल रूप से नासिक जिले के नांदगांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी पहचान छिपाने के लिए सिर मुंडवाकर और भेष बदलकर घूम रहा था। तकनीकी विश्लेषण और फोटो की मदद से पुलिस ने उसे एक घंटे के भीतर पकड़ लिया।
CBI करेगी पूरे मामले की जांच
केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी है। CBI जल्द नियमित केस दर्ज कर राजस्थान SOG और NTA से दस्तावेज लेकर जांच शुरू करेगी।
NTA ने 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों का भरोसा कायम रखने के लिए यह फैसला जरूरी था।
छात्रों को नहीं करना होगा नया रजिस्ट्रेशन
NTA ने स्पष्ट किया है कि मई 2026 के लिए किया गया रजिस्ट्रेशन, परीक्षा केंद्र और उम्मीदवारों का डेटा दोबारा होने वाली परीक्षा में मान्य रहेगा। छात्रों को नया आवेदन नहीं करना होगा और कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से बचने की अपील की है।
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