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8 साल बाद मिला न्याय: असम मॉब लिंचिंग केस में 20 आरोपी दोषी करार

two friends were mob lynched in assam s karbi anglong nearly eight years later court has convicted 20 accused individuals

21 अप्रैल 2026| गुवाहाटी

असम के कार्बी आंगलोंग में 2018 में हुई चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में करीब 8 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। नगांव जिला अदालत ने 20 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में निलोत्पल दास और अभिजीत नाथ की भीड़ ने बच्चा चोर होने के शक में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

20 दोषी, 25 आरोपी बरी
नगांव की जिला अदालत ने सुनवाई के बाद 20 लोगों को दोषी ठहराया, जबकि 25 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। दोषियों को 24 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका।

गंभीर धाराओं में दर्ज था मामला
दोषियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं, जिनमें हत्या, गैर-कानूनी जमावड़ा, दंगा और सरकारी कार्य में बाधा डालना शामिल है। अदालत ने जेल प्रशासन को बरी किए गए आरोपियों की रिहाई के निर्देश भी दिए हैं।

सोशल मीडिया अफवाह बनी थी मौत की वजह
यह घटना 8 जून 2018 को हुई थी, जब दोनों दोस्त कार्बी आंगलोंग के कांगथिलांगसो इलाके में घूमने गए थे। लौटते समय ग्रामीणों ने उन्हें बच्चा चोर समझकर घेर लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दोनों अपनी बेगुनाही की गुहार लगाते नजर आए थे।

48 लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
इस मामले में कुल 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 3 नाबालिग भी शामिल थे। शुरुआती सुनवाई दीफू कोर्ट में हुई थी, बाद में केस को गुवाहाटी हाईकोर्ट के निर्देश पर नगांव ट्रांसफर किया गया।

परिवारों को अब भी न्याय की आस
हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद भी पीड़ित परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, खासकर उन आरोपियों के बरी होने को लेकर, जिन्हें वे दोषी मानते हैं।

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