शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार! अटेंडेंस एडजस्टमेंट के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली, 25-30 हजार तक की डिमांड
रायपुर। धरमपुरा स्थित वेदमाता गायत्री शिक्षा महाविद्यालय में बीएड-डीएड छात्रों से उपस्थिति पूरी कराने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के लिए छात्रों से मनमानी रकम मांग रहा है।
छात्रों की शिकायत पर की गई पड़ताल में सामने आया कि जिन छात्रों की अटेंडेंस कम है, उन्हें कॉलेज बुलाकर उपस्थिति “एडजस्ट” करने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। आरोप है कि कुछ मामलों में 15 हजार से लेकर 25-30 हजार रुपये तक प्रति सेमेस्टर वसूले जा रहे हैं। पैसे नहीं देने पर परीक्षा में बैठने से रोकने की बात भी कही जा रही है। छात्रों का यह भी कहना है कि रकम देने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की रसीद नहीं दी जाती।
स्टिंग के दौरान एक छात्र ने दावा किया कि उससे 35 हजार रुपये लिए गए। छात्र के अनुसार, एक बंद कमरे में प्रोफेसरों द्वारा यह राशि ली जा रही थी और कम उपस्थिति वाले छात्रों को फोन कर कॉलेज बुलाया जाता था। परीक्षा में शामिल होने के लिए 75-80% उपस्थिति अनिवार्य होने का दबाव बनाकर पैसे लिए जा रहे थे।
हालांकि, इस मामले में प्रोफेसर डॉ. राजीव निगम ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह झूठे आरोप हैं और कॉलेज में अटेंडेंस के नाम पर किसी भी तरह की वसूली नहीं की जा रही है।
गौरतलब है कि National Council for Teacher Education (NCTE) के नियमों के अनुसार बीएड-डीएड पाठ्यक्रम में थ्योरी के लिए 80% और इंटर्नशिप के लिए 90% उपस्थिति अनिवार्य होती है। ऐसे में उपस्थिति पूरी कराने के नाम पर पैसे लेना गंभीर अनियमितता मानी जाती है।
मामले को लेकर शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने जांच कराने की बात कही है। फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।
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