केरल में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, आशा वर्कर्स का बढ़ा मानदेय; पहली कैबिनेट बैठक में CM वी. डी. सतीशन के बड़े फैसले
20 मई 2026 | तिरुवनंतपुरम
केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े जनहित फैसलों का ऐलान किया। राज्य सरकार ने 15 जून 2026 से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई है। सरकार ने बुजुर्गों के लिए अलग विभाग बनाने का फैसला लेते हुए इसे देश की पहली ऐसी पहल बताया है।
महिलाओं को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा सुविधा
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बताया कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच को मजबूत किया जाएगा।
आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ा मानदेय
कैबिनेट ने आशा वर्कर्स के मानदेय में 3,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं, स्कूल रसोइयों, प्री-प्राइमरी शिक्षकों और आया कर्मचारियों के मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन के दौरान किए गए वादे को सरकार ने पूरा किया है।
बुजुर्गों के लिए बनेगा अलग विभाग
सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विभाग गठित करने का फैसला भी लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्ग नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि केरल को वरिष्ठ नागरिकों की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित कर एक आदर्श समाज बनाना होगा।
प्रोटेम स्पीकर और अहम नियुक्तियों को मंजूरी
कैबिनेट ने वरिष्ठ विधायक जी. सुधाकरन को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने की सिफारिश की है। सरकार ने 21 मई को विधायकों के शपथ ग्रहण और 22 मई को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तय की है। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव बाबू को महाधिवक्ता और टी. एस. आसफ अली को अभियोजन महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले की SIT जांच
कैबिनेट ने अलाप्पुझा में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले के मामले की दोबारा जांच के लिए SIT गठन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अदालत ने नवंबर 2024 में पुनः जांच का आदेश दिया था, लेकिन पिछली सरकार ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार सिर्फ अदालत के आदेश का पालन कर रही है।
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