होर्मुज की सुरक्षा पर ट्रंप का अल्टीमेटम, यूरोपीय सहयोगियों से मांगी ठोस योजना
रायपुर, 09 अप्रैल 2026
अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक संघर्ष विराम के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अमेरिका ने अपने यूरोपीय सहयोगियों पर दबाव बढ़ाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए ठोस योजना पेश करने को कहा है। वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने और कीमतों में अस्थिरता के चलते यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।
कुछ दिनों में मांगी गई विस्तृत योजना
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से कहा है कि वे जल्द ही यह स्पष्ट करें कि संघर्ष थमने के बाद वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में कैसे योगदान देंगे। यह मुद्दा व्हाइट हाउस, रक्षा मुख्यालय और विदेश विभाग स्तर की बैठकों में भी उठा।
महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग पर बढ़ा दबाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हालांकि 14 दिन के संघर्ष विराम के बावजूद क्षेत्र में पूरी तरह शांति स्थापित नहीं हो पाई है और जहाजों की आवाजाही अब भी सामान्य नहीं हुई है।
सहयोगियों के रवैये से अमेरिका नाराज
अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों के रवैये पर असंतोष जताया है। हाल के दिनों में कई यूरोपीय देशों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में खुलकर समर्थन नहीं दिया और होर्मुज मुद्दे पर भी सतर्क रुख अपनाया।
नाटो पर भी बढ़ा दबाव
इस मुद्दे ने नाटो देशों के बीच मतभेद को भी उजागर किया है। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि यदि सहयोगियों का समर्थन पर्याप्त नहीं मिला, तो वह अपने सुरक्षा दायित्वों पर पुनर्विचार कर सकता है।
क्षेत्रीय तनाव अब भी बरकरार
संघर्ष विराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके सहयोगी क्षेत्रों पर हमले जारी हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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