# Tags
#अंतरराष्ट्रीय

US-ईरान तनाव खतरनाक मोड़ पर: होर्मुज से निकले 3 टैंकर भारत-चीन की ओर रवाना, तेल बाजार में हड़कंप

iran 20 2026 05 c33729b3212842a9efdb08562abb05fe 1200x675

वॉशिंगटन/तेहरान, 28 मई 2026

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले किए हैं, जबकि ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई के दावे सामने आए हैं। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से तीन बड़े टैंकर ट्रांसपोंडर बंद कर निकलते हुए भारत और चीन की ओर रवाना हुए हैं, जिससे वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने होर्मुज के पास चार ईरानी अटैक ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ये ड्रोन एक अमेरिकी कमर्शियल जहाज को निशाना बनाने के लिए भेजे गए थे। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास इलाके में मौजूद ड्रोन लॉन्चिंग यूनिट पर भी हमला किया।

अमेरिकी सेना की CENTCOM ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और जहाजों को संभावित खतरे से बचाने के लिए की गई। वहीं ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी तस्नीम ने दावा किया कि ईरानी बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है।

तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को लेकर भी सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि ओमान और ईरान मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और कोई भी देश इसे अपने नियंत्रण में नहीं ले सकता।

इस बीच शिपिंग मॉनिटरिंग एजेंसियों LSEG और Kpler की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस सप्ताह दो सुपरटैंकर और एक LNG टैंकर ट्रांसपोंडर बंद कर होर्मुज से बाहर निकले। रिपोर्ट के अनुसार ये जहाज भारत और चीन की ओर बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जहाजों द्वारा ट्रांसपोंडर बंद करना सुरक्षा जोखिम और बढ़ते तनाव का संकेत माना जा रहा है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष का असर अब वैश्विक बाजारों पर भी दिखने लगा है। एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है।

उधर, अमेरिका ने ईरान की नई बनाई गई ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का आरोप है कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग का इस्तेमाल वैश्विक व्यापार पर दबाव बनाने और अपने सैन्य कार्यक्रमों के लिए फंड जुटाने में कर सकता है।

लगातार बढ़ते तनाव के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *