रेलवे के नए नियम लागू: बिना टिकट यात्रा पर ₹500 जुर्माना, महिला कोच में घुसने पर ₹2500 तक पेनाल्टी
20 जून 2026
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। रेलवे अधिनियम, 1989 में जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत किए गए बदलावों के बाद नए नियम लागू कर दिए गए हैं। यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार अनाउंसमेंट भी किए जा रहे हैं।
बिना टिकट यात्रा पर दोगुना जुर्माना
अब यदि कोई यात्री बिना वैध टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, पुरानी टिकट का दोबारा उपयोग करता है या टिकट संबंधी नियमों का उल्लंघन करता है, तो उससे पूरा किराया वसूला जाएगा। इसके अलावा न्यूनतम ₹500 का अतिरिक्त जुर्माना भी देना होगा। जुर्माना नहीं चुकाने पर मामला अदालत तक पहुंच सकता है।
महिला कोच में प्रवेश पर ₹2500 तक पेनाल्टी
रेलवे ने महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, सीट या केबिन में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों पर भी सख्ती बढ़ा दी है। ऐसे मामलों में ₹2500 तक जुर्माना लगाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर यात्री को तत्काल कोच से बाहर किया जाएगा और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
भीख मांगने और फेरी लगाने पर रोक
ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों में भीख मांगने, बिना अनुमति सामान बेचने और फेरी लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
नशे में हंगामा किया तो होगी कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में ट्रेन या स्टेशन परिसर में यात्रियों को परेशान करता है या रेलवे व्यवस्था में बाधा पहुंचाता है, तो उसे ट्रेन से उतारा जा सकता है। ऐसे मामलों में ₹1000 तक जुर्माना, अल्पकालिक जेल या सामुदायिक सेवा जैसी सजा दी जा सकती है।
थूकने और प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने पर भी जुर्माना
रेलवे परिसर में थूकना, अभद्र व्यवहार करना, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करना या ट्रैक एवं यार्ड में बिना अनुमति जाना भी दंडनीय होगा। ऐसे मामलों में ₹500 तक का जुर्माना और गंभीर स्थिति में जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।
खतरनाक सामान ले जाना पड़ेगा भारी
रेलवे ने खतरनाक और प्रतिबंधित सामान लेकर यात्रा करने वालों के खिलाफ सबसे कड़े नियम लागू किए हैं। ऐसे मामलों में सामान जब्त किया जा सकता है और न्यूनतम ₹10,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अदालत दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की सजा भी सुना सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नए नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, रेलवे परिसरों में व्यवस्था बनाए रखना और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
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