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मुख्यमंत्री साय ने बताई किसान हितैषी योजनाओं की सफलता, महाराष्ट्र के विधायकों ने किया अध्ययन

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रायपुर, 19 जून 2026

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि सुधारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भी भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में करीब 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से खरीदी की जाती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजीयन, धान तौल, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है, जिससे किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो सके। साथ ही कृषक उन्नति योजना सहित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।

चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने इसे किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल मॉडल बताते हुए इसके विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र में भी लागू करने की बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच सफल मॉडलों और अनुभवों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे की सफल योजनाओं से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है।

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