जन्मजात नागरिकता पर Donald Trump का बयान, भारत-चीन पर की विवादित टिप्पणी
अमेरिका में जन्मजात नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर बहस के बीच पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का एक बयान चर्चा में आ गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा एक पोस्ट में भारत और चीन सहित कुछ देशों पर विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर में भारत और चीन के लोगों का दबदबा बढ़ रहा है, जिससे अन्य लोगों के अवसर सीमित हो रहे हैं। उन्होंने जन्मजात नागरिकता की मौजूदा नीति की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा स्वतः नागरिक बन जाता है और बाद में अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी देश में लाने का रास्ता बनता है।
नीति पर जनमत की वकालत
ट्रंप का कहना है कि जन्मजात नागरिकता जैसे मुद्दे का निर्णय अदालतों या वकीलों के बजाय देश की जनता द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर मतदान कराया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने एक सोशल मीडिया पोल का हवाला देते हुए दावा किया कि अधिकांश लोग इस नीति में बदलाव के पक्ष में हैं।
ACLU पर भी साधा निशाना
पूर्व राष्ट्रपति ने American Civil Liberties Union (ACLU) की भी आलोचना करते हुए इसे ‘आपराधिक’ संस्था बताया। उन्होंने कहा कि इस संगठन पर ‘RICO’ जैसे सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवासी सार्वजनिक सेवाओं, खासकर स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे टैक्स देने वाले अमेरिकी नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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