बिहार पर बढ़ा कर्ज का बोझ, सरकार जून तक लेगी 12 हजार करोड़ का लोन
पेंशन और योजनाओं के भुगतान के लिए उठाया कदम, रोहिणी आचार्य ने साधा निशाना
पटना | 23 अप्रैल 2026
बिहार सरकार ने बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच बड़ा फैसला लेते हुए जून तक 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना बनाई है। वित्त विभाग के अनुसार, इस राशि में से करीब 4 हजार करोड़ रुपये इसी महीने के अंत तक मिलने की उम्मीद है। सरकार की प्राथमिकता सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के भुगतान को पूरा करना है, जहां मार्च और अप्रैल की पेंशन अब तक लंबित है और मई में दो महीनों की राशि एक साथ देने की तैयारी है, जिससे एक करोड़ से अधिक लाभार्थियों को राहत मिल सकती है।
राज्य पर वित्तीय बोझ तेजी से बढ़ा है। चुनाव से पहले पेंशन राशि को 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये करने से हर महीने करीब 1150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च जुड़ा है, वहीं महिला रोजगार योजना पर भी लगभग 15 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके चलते कई विकास कार्य धीमे पड़ गए हैं और 58 हजार छात्रों के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सहित कई भुगतान लंबित हैं।
इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” वित्तीय प्रबंधन में फेल हो चुकी है और राज्य का खजाना खाली होने की स्थिति में है। विपक्ष ने कर्ज बढ़ने और ब्याज के दबाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सरकार का कहना है कि नए कर्ज के जरिए प्राथमिक योजनाओं को पटरी पर लाया जाएगा। आने वाले समय में पेंशन भुगतान और लंबित योजनाओं की स्थिति से राज्य की वित्तीय तस्वीर और साफ होगी।
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