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छत्तीसगढ़ के किसान का कमाल, जुगाड़ तकनीक से तैयार की सीड ड्रिल, मूंगफली की वैज्ञानिक बुवाई बनी आसान

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के प्रगतिशील किसान भानुप्रताप ने जुगाड़ तकनीक से कम लागत वाली सीड ड्रिल तैयार कर आधुनिक खेती की मिसाल पेश की। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के तहत मिले गुणवत्तायुक्त बीज और कृषि विभाग के सहयोग से यह मॉडल अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है।

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CM विष्णुदेव साय का किसान हितैषी फैसला: बीज-खाद की किल्लत नहीं, खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खरीफ 2026 के लिए प्रमाणित बीज और उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। अब तक 2,800.87 टन उर्वरक और 3,649.42 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं।

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जिले की पहचान विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान, महिला समूहों की मेहनत को मिली सराहना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही दौरे पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का जिले की प्रसिद्ध विष्णुभोग चावल से सम्मान किया गया। मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों और स्थानीय कृषि परंपरा की सराहना करते हुए ऐसे उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर दिया।

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समय पर मिली पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों को मिली आर्थिक मजबूती; खेती की तैयारियों को मिली रफ्तार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के लिए आर्थिक संबल बन रहा है। समय पर मिलने वाली राशि से खेती की तैयारियां आसान हो रही हैं और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है।

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CM साय की सख्ती का असर: अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 3 JCB और 3 ट्रैक्टर जब्त

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में मिली शिकायत के बाद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन और परिवहन में लगे 3 जेसीबी व 3 ट्रैक्टर जब्त किए।

फर्जी ‘बैगा’ प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी पाने का आरोप, जांच की मांग को लेकर बैगा समाज पहुंचा कलेक्ट्रेट

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति ‘बैगा’ के नाम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरियां हासिल करने का मामला सामने आया है। बैगा समाज के लोगों ने इस कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। समाज का आरोप है कि बिलासपुर जिले के ग्राम पोड़ी (सीपत) के करीब 55 लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी ‘बैगा’ प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी सेवाओं में नियुक्ति हासिल की है।