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मत्स्य जाल से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रहीं छत्तीसगढ़ की महिलाएं, सुशासन तिहार बना बदलाव का मजबूत माध्यम

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2026 के जरिए ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा सामाजिक और आर्थिक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का लाभ अब सीधे गांवों तक पहुंच रहा है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। विकासखंड पथरिया के ग्राम पंचायत गंगद्वारी में आयोजित समाधान शिविर में शिवशक्ति महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मत्स्य पालन के लिए मत्स्य महाजाल उपलब्ध कराया गया। समूह की सचिव मीना राजपूत ने शिविर में मछली बीज और जाल की मांग रखी थी, जिसे प्रशासन ने तुरंत स्वीकृत कर दिया। इसके बाद महिलाओं के लिए मत्स्य पालन का कार्य आसान और अधिक लाभकारी बन गया है। उत्पादन और आय में बढ़ोतरी के साथ महिलाओं का आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।

बीमा सखी’ योजना से महिला सशक्तिकरण को नई दिशा, छत्तीसगढ़ में सुशासन का बन रहा मजबूत मॉडल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में “एलआईसी बीमा सखी योजना (MCA)” एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है। 9 दिसंबर 2024 से शुरू हुई यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार उपलब्ध कराने और वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के तहत 10वीं पास महिलाओं को एलआईसी एजेंट के रूप में प्रशिक्षण देकर तीन वर्षों तक स्टाइपेंड प्रदान किया जा रहा है। प्रथम वर्ष में ₹7,000, दूसरे वर्ष ₹6,000 और तीसरे वर्ष ₹5,000 मासिक वजीफा दिया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण अवधि के दौरान भी महिलाओं की आय सुनिश्चित हो सके।

13 04 2026 auratola village in chhattisgarh m

छत्तीसगढ़ का ‘लखपति ग्राम’: बालोद का औराटोला, जहां हर घर में लखपति दीदी

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का औराटोला गांव अब ‘लखपति ग्राम’ के रूप में पहचान बना रहा है, जहां हर घर की महिला सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित कर रही है। ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर इस गांव को लखपति ग्राम घोषित किया गया है, जबकि राज्य स्तर पर औपचारिक घोषणा का इंतजार है।