सुशासन तिहार में CM विष्णु देव साय का सख्त एक्शन, कोरिया के सहायक आयुक्त निलंबित
22 मई 2026 | रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। दौरे के बाद चिरमिरी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पेयजल संकट, खराब शैक्षणिक परीक्षा परिणाम और खाद वितरण में गड़बड़ी को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई। कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में अनियमितता सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री के सख्त रुख से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात, बच्चों का कराया अन्नप्राशन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई, बच्चों का अन्नप्राशन कराया और नामकरण भी किया। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व को दर्शाता है, वहीं प्रशासनिक लापरवाही पर उनका सख्त रवैया भी सामने आया।
पेयजल संकट पर कलेक्टरों को चेतावनी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों में पेयजल संकट पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टरों को हर हाल में प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित कलेक्टर सीधे जिम्मेदार होंगे।
स्कूलों के खराब रिजल्ट पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री ने स्कूल परीक्षा परिणामों की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई और अधिकारियों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने और शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया।
मौसमी बीमारियों और PM आवास योजना पर भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने बरसात से पहले पेयजल स्रोतों की सफाई और क्लोरिनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरे कराने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी गड़बड़ी या हितग्राहियों की शिकायत पर कलेक्टरों को जवाबदेह माना जाएगा।
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