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पेपर लीक पर सरकार की सख्ती: NEET परीक्षा से पहले Telegram बैन, मैसेज एडिट फीचर भी बंद

केंद्र सरकार ने NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा कदम उठाते हुए भारत में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सरकार ने यह कार्रवाई पेपर लीक और फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से की है। यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

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वायुसेना के विशेष विमान से जगदलपुर पहुंचे NEET-UG री-एग्जाम के प्रश्नपत्र, कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखे गए

21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम की तैयारियों के बीच जगदलपुर में वायुसेना के विशेष विमान से प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। सीलबंद पेटियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है।

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार, तीसरी गिरफ्तारी की तैयारी तेज

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान बड़े खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले के दो कथित मास्टरमाइंड – रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और बॉटनी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ – को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी NTA की परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर जुड़े हुए थे और आरोप है कि इन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों तक प्रश्नपत्र और उत्तर पहुंचाने के लिए एक संगठित सिंडिकेट तैयार किया था।

कौन है पीवी कुलकर्णी? NEET 2026 पेपर लीक का ‘मास्टरमाइंड’ बताए जा रहे आरोपी का पूरा बैकग्राउंड आया सामने

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा करते हुए जांच एजेंसियों ने पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुणे से गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर CBI कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुलकर्णी को NEET परीक्षा के केमिस्ट्री पेपर तक सीधा एक्सेस था और उसी के जरिए पेपर लीक की साजिश को अंजाम दिया गया।

NEET-UG पेपर लीक के बाद सरकार के 6 बड़े फैसले, 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई है। अब परीक्षा का दोबारा आयोजन 21 जून 2026 को किया जाएगा। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा से जुड़े कई बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने माना कि सिस्टम में चूक हुई है और इसकी जिम्मेदारी भी स्वीकार की। साथ ही अभ्यर्थियों को राहत देने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 6 बड़े फैसलों की घोषणा की गई।

NEET-UG पेपर लीक में बड़ा खुलासा, छात्रों से 2 से 5 लाख रुपये लेने का आरोप

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्र यश यादव के माध्यम से राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, यश यादव की पहचान विकास बिवाल से थी। जांच में यह भी पता चला कि विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने प्रश्नपत्र की हार्डकॉपी स्कैन कर उसकी PDF फाइल तैयार की थी, जिसके बाद इसे सीकर के कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले कई छात्रों तक पहुंचाया गया। पूछताछ में छात्रों ने बताया कि लीक पेपर के बदले उनसे 2 लाख से 5 लाख रुपये तक लिए गए थे। हालांकि मामले में सामने आए शुभम ने खुद को इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र का असली स्रोत क्या था और यह किन-किन लोगों के जरिए अलग-अलग राज्यों तक पहुंचा। जांच में यह भी सामने आया है कि यश खुद परीक्षा पास नहीं कर पाया था और वह BAMS का छात्र है। फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कोचिंग संस्थानों के स्टाफ, छात्रों और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे मनी ट्रेल की जांच में जुटी हुई है।

NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, महाराष्ट्र से लीक हुआ पेपर; सामने आया पूरा ट्रैवल रूट

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती जांच में जहां इस मामले का कनेक्शन राजस्थान से जुड़ा बताया जा रहा था, वहीं अब महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पेपर की पहली कॉपी महाराष्ट्र के नासिक में तैयार हुई थी और वहीं से लीक की शुरुआत हुई। हालांकि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि असली ‘गेस पेपर’ पुणे से निकला था। मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है।

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक के बाद NTA का बड़ा फैसला

NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा को रद्द कर दिया है। पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी के साथ यह निर्णय लिया गया। इस फैसले से देशभर के करीब 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों के बीच हड़कंप मच गया है। अब सभी अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।