200 करोड़ ठगी केस: जैकलीन की अर्जी पर ED ने मांगा समय
सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई, अगली सुनवाई 8 मई को
20 अप्रैल 2026 | नई दिल्ली
200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। यह मामला स्पेशल कोर्ट में चल रहा है, जहां स्पेशल जज प्रशांत शर्मा की अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 मई तय की है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस का है। ED ने अपनी चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को सह-आरोपी के रूप में नामित किया है और वित्तीय लेनदेन व कथित लाभ लेने के पहलुओं की जांच की जा रही है।
कोर्ट में क्या हुआ?
इससे पहले 17 अप्रैल को अदालत ने जैकलीन की अर्जी पर ED को नोटिस जारी किया था। अब एजेंसी ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली तारीख 8 मई तय कर दी है।
सरकारी गवाह बनने का क्या मतलब?
जैकलीन फर्नांडिस ने इस मामले में “सरकारी गवाह” (Approver) बनने की इच्छा जताई है। इसका अर्थ होता है कि आरोपी जांच एजेंसी को केस से जुड़ी अहम जानकारी और सबूत देने के लिए तैयार हो जाता है। इसके बदले में अदालत की अनुमति से उसे कुछ कानूनी राहत मिल सकती है।
सुकेश से जुड़ा बड़ा नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को उच्च सरकारी अधिकारी बताकर करोड़ों रुपये की ठगी की। आरोप है कि उसने जेल में रहते हुए भी ठगी और वसूली का नेटवर्क चलाया और कई लोगों को अपने जाल में फंसाया।
जैकलीन का पक्ष
जैकलीन फर्नांडिस का कहना है कि उन्हें सुकेश की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी नहीं थी और वह उसे एक बिजनेसमैन समझती थीं। फिलहाल वह इस मामले में आरोपी के तौर पर ही न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रही हैं।
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