पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत: अग्रिम जमानत मंजूर, हिमंता पर भी की सख्त टिप्पणी
नई दिल्ली, 1 मई 2026
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। असम पुलिस द्वारा दर्ज जालसाजी और मानहानि के मामले में अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। शीर्ष अदालत ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए कहा कि मामले में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तत्व दिखाई देते हैं, जिससे व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा जरूरी हो जाती है।
हाईकोर्ट का फैसला पलटा
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने कहा कि परिस्थितियां दर्शाती हैं कि यह मामला राजनीतिक बयानबाजी से जुड़ा है। इसलिए गिरफ्तारी से पहले आरोपी को सुरक्षा देना उचित है।
दोनों पक्षों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने हिमंता बिस्वा सरमा और पवन खेड़ा दोनों की टिप्पणियों पर सख्त रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि पहली नजर में खेड़ा के बयान राजनीतिक लाभ के लिए दिए गए प्रतीत होते हैं, वहीं मुख्यमंत्री के कुछ बयान भी संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं थे।
क्या है पूरा मामला
यह मामला तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद असम पुलिस ने उनके खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया।
फिलहाल गिरफ्तारी से राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पवन खेड़ा को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। हालांकि, मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और जांच प्रक्रिया चलती रहेगी।
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