दिल्ली की हवा में नई आफत, अब ‘ग्राउंड लेवल ओजोन’ बन रही बड़ा खतरा
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर एक नई और गंभीर चिंता सामने आई है। पिछले कुछ वर्षों में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषण स्तरों में कुछ हद तक कमी जरूर दर्ज की गई है, लेकिन अब विशेषज्ञ ‘ग्राउंड लेवल ओजोन’ के बढ़ते स्तर को बड़ा खतरा मान रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह ओजोन वायुमंडल की ऊपरी परत में मौजूद सुरक्षात्मक ओजोन से पूरी तरह अलग है। ऊपरी वायुमंडल की ओजोन पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है, जबकि ग्राउंड लेवल ओजोन जमीन के करीब बनने वाली जहरीली गैस है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है।
जानकारों का कहना है कि तेज धूप, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और अन्य प्रदूषक गैसों के रासायनिक मिश्रण से यह गैस बनती है। गर्मियों के मौसम में इसका स्तर तेजी से बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्राउंड लेवल ओजोन के संपर्क में आने से सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में जलन, गले में खराश, खांसी और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता और अधिक खराब हो सकती है। इसके लिए वाहनों के उत्सर्जन पर नियंत्रण, औद्योगिक प्रदूषण में कमी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम जरूरी बताए जा रहे हैं।
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