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कौन है पीवी कुलकर्णी? NEET 2026 पेपर लीक का ‘मास्टरमाइंड’ बताए जा रहे आरोपी का पूरा बैकग्राउंड आया सामने

16 मई 2026 | पुणे

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा करते हुए जांच एजेंसियों ने पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुणे से गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर CBI कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुलकर्णी को NEET परीक्षा के केमिस्ट्री पेपर तक सीधा एक्सेस था और उसी के जरिए पेपर लीक की साजिश को अंजाम दिया गया।

28 साल तक रहा केमिस्ट्री प्रोफेसर और प्रिंसिपल

मिली जानकारी के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी ने करीब 28 वर्षों तक दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री पढ़ाई। वह पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर रहा और बाद में कॉलेज के प्रिंसिपल पद तक पहुंचा। लगभग चार साल पहले वह रिटायर हुआ था। रिटायरमेंट के बाद भी वह फ्रीलांसर के तौर पर अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में केमिस्ट्री पढ़ाता रहा।

NTA के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर कर रहा था काम

सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से कुलकर्णी National Testing Agency (NTA) के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियों को शक है कि वह उन विशेषज्ञों में शामिल था जिन्होंने NEET 2026 का केमिस्ट्री पेपर तैयार किया था। इसी वजह से उसे प्रश्नपत्र तक पहुंच मिली और बाद में पेपर लीक नेटवर्क सक्रिय हुआ।

पुणे में ऑनलाइन क्लास के जरिए छात्रों तक पहुंचे सवाल

जांच में सामने आया है कि NEET परीक्षा से पहले अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी पुणे आया था, जहां उसने “राज कोचिंग क्लासेस” के नाम से एक ऑनलाइन क्लास ली थी। एजेंसियों का दावा है कि इस क्लास में दिए गए कई मॉक प्रश्न बाद में NEET 2026 परीक्षा में भी पूछे गए। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीषा छात्रों को कुलकर्णी और धनंजय लोखंडे तक पहुंचाने का काम करती थी।

परिवार और निजी जिंदगी को लेकर भी जांच

जानकारी के मुताबिक, कुलकर्णी का बड़ा बेटा विदेश में पढ़ाई कर रहा है, जबकि उसकी पत्नी और छोटे बेटे के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। लातूर स्थित उसका बंगला किराए पर दिया गया था। पड़ोसियों और किरायेदारों ने दावा किया कि कुलकर्णी ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। कुछ लोगों ने उस पर पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां

CBI और अन्य जांच एजेंसियां अब पूरे पेपर लीक नेटवर्क, मनी ट्रेल और जुड़े कोचिंग संस्थानों की गहन जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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