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अल-नीनो को लेकर पीएम मोदी का अलर्ट, राज्यों को जल संरक्षण और तैयारी बढ़ाने की सलाह

PM Modi Alert On El Nino

नई दिल्ली, 12 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अल-नीनो के संभावित प्रभावों को देखते हुए सभी राज्यों को सतर्क रहने और समय रहते आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दी है। 11 जून को आयोजित नीति आयोग (NITI Aayog) की शासी परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण, कृषि प्रबंधन और प्राकृतिक चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।

बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि अल-नीनो की परिस्थितियां देश में मानसून और कृषि क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए राज्यों को पहले से तैयारी कर जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

विकसित भारत 2047 पर रहा फोकस

इस वर्ष नीति आयोग की बैठक का विषय “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखा गया था। बैठक में 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहली बार रहा जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्री शासी परिषद की बैठक में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से Artificial Intelligence (AI) के अवसरों का लाभ उठाने, नवाचार को बढ़ावा देने और विकास योजनाओं में तकनीक के उपयोग को बढ़ाने का भी आह्वान किया।

क्या है अल-नीनो और क्यों बढ़ती है चिंता?

अल-नीनो एक जलवायु संबंधी घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। इसका असर दुनिया के कई देशों के मौसम पर पड़ता है।

अल-नीनो सक्रिय होने पर भारत में:

  • मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ सकती हैं
  • सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका बढ़ जाती है
  • गर्मी और सूखे की स्थिति गंभीर हो सकती है
  • कृषि उत्पादन और जल भंडारण प्रभावित हो सकते हैं

अमेरिका के क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, अल-नीनो की स्थिति बनी हुई है और इसके 2026-27 की सर्दियों तक मजबूत बने रहने की संभावना जताई गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास यात्रा दुनिया के लिए प्रेरणा बनी हुई है और सभी राज्यों को मिलकर विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना होगा।

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