अब नारी शक्ति का नंबर: पीएम मोदी का पत्र, राजनीति में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी पर जोर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा है। मंगलवार (14 अप्रैल) को जारी इस पत्र में उन्होंने 2029 तक लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।
प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि दशकों से लंबित इस संकल्प को साकार करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने महिलाओं के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते योगदान और स्वयं सहायता समूहों की सफलता की भी सराहना की।
आंबेडकर जयंती का किया उल्लेखप्रधानमंत्री ने पत्र में 14 अप्रैल को B. R. Ambedkar की जयंती बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि संविधान और उसके मूल्यों के प्रति आंबेडकर की प्रतिबद्धता आज भी देश का मार्गदर्शन कर रही है।
संसद में जल्द होगी चर्चापीएम मोदी ने बताया कि 18वीं संसद के आगामी सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन बताया और कहा कि देशभर में इसको लेकर उत्साह है। महिलाओं में इस फैसले को लेकर विशेष खुशी देखी जा रही है।
लोकतंत्र होगा और मजबूतप्रधानमंत्री ने कहा कि विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को जल्द लागू करना जरूरी है। यदि 2029 तक यह आरक्षण पूरी तरह लागू होता है, तो भारत का लोकतंत्र और अधिक मजबूत और जीवंत बनेगा। उन्होंने संसद से इस विधेयक को शीघ्र पारित करने की अपील की।
हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारीपत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं स्टार्टअप, विज्ञान, खेल, कला और साहित्य सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। खेलों में महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे देश का नाम रोशन कर रही हैं और नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं।उन्होंने स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं।
विकसित भारत के लिए जरूरी भागीदारीप्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। जब महिलाएं नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में शामिल होंगी, तब लोकतंत्र और सशक्त होगा।
ऐतिहासिक संदर्भ भी दियापत्र में प्रधानमंत्री ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत में स्वतंत्रता के बाद से ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान का अधिकार मिला। साथ ही Sardar Vallabhbhai Patel द्वारा अहमदाबाद नगरपालिका में महिलाओं के लिए आरक्षण की पहल को भी याद किया।
महिलाओं से की अपीलप्रधानमंत्री ने देशभर की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने सांसदों से इस विधेयक के समर्थन का आग्रह करें। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिसका प्रभाव आने वाली कई पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा।
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