बस्तर से सुरक्षाबलों की वापसी पर सियासत तेज: भूपेश बघेल के सवालों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का पलटवार
रायपुर। बस्तर से सुरक्षाबलों की वापसी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल कभी नहीं चाहते थे कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो। उन्हें प्रदेश के विकास और खुशहाली से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय आने पर सुरक्षा बलों की वापसी भी सुनिश्चित की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान भूपेश बघेल की सरकार ने पुलिस और सुरक्षा बलों के हाथ बांध दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनकी सरकार बनी थी, तब नक्सलियों ने खुशी जताई थी और आज भी उनकी मंशा बार-बार सामने आ रही है।
नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास के मुद्दे पर अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ पूरी तैयारी के साथ अभियान चलाया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बेहतर पुनर्वास दिया जा रहा है, वहीं आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और कम समय में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
वहीं, पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारी को बंधक बनाए जाने की घटना और इस पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी को लेकर अरुण साव ने कहा कि वहां कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में संविधान के बजाय तानाशाही का शासन चल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब इससे त्रस्त हो चुकी है और आगामी चुनाव में ऐसी सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी।
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