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सरकारी स्कूलों में AI की एंट्री, तकनीक से निखरेगी बच्चों की पढ़ाई

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रायपुर, 08 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित तकनीक का उपयोग शुरू किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पढ़ने की क्षमता, लेखन कौशल और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह नई पहल शुरू की है। इसके तहत बच्चों के स्तर का विश्लेषण कर उनके लिए उपयुक्त पढ़ाई की योजना तैयार की जाएगी।

पायलट प्रोजेक्ट से होगी शुरुआत

इस योजना को शुरुआती दौर में दो जिलों में लागू किया जाएगा। सफलता मिलने पर इसे पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए 15 जिलों के 300 से अधिक स्कूलों से लगभग 200 घंटे का शैक्षणिक सामग्री और ध्वनि डेटा तैयार किया गया है।

पढ़ने की क्षमता सुधारने पर जोर

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के प्रभारी संचालक जेपी रथ के अनुसार, प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की पढ़ने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित “मौखिक धाराप्रवाह पठन” उपकरण का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक के माध्यम से बच्चों की पढ़ने की गति और समझ का सही आकलन किया जा सकेगा।

क्या है यह नई तकनीक

यह प्रणाली आवाज पहचान तकनीक पर आधारित है, जो बच्चों की आवाज को रिकॉर्ड कर उसे लिखित रूप में बदल देती है। इससे शिक्षक मात्र 2 से 3 मिनट में ही प्रत्येक विद्यार्थी की पढ़ने की क्षमता का मूल्यांकन कर सकते हैं और उसी के अनुसार सुधारात्मक पढ़ाई करवा सकते हैं।

आसान तरीके से लागू होगी योजना

इस योजना को आसान तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें शिक्षकों का प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना, शुरुआत में बच्चों का स्तर जांचना, उनकी क्षमता के अनुसार समूह बनाना, सुधार के लिए पढ़ाई कराना और अंत में प्रगति का मूल्यांकन शामिल है।

अन्य राज्यों में मिल चुकी है सफलता

यह मॉडल पहले राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है, जहां इसके माध्यम से लाखों विद्यार्थियों की पढ़ने की क्षमता में सुधार देखा गया। अब छत्तीसगढ़ में भी इसे बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी है।

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