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जहां बंदूकें थीं, अब बहता है पानी: हेटारकसा की बदली तस्वीर

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रायपुर, 10 अप्रैल 2026

कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम परिस्थितियों के कारण विकास से दूर रहा कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड का ग्राम हेटारकसा आज परिवर्तन की नई मिसाल बनकर उभरा है। जहां पहले मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच भी मुश्किल थी, वहीं अब शासन की योजनाओं और नक्सल उन्मूलन प्रयासों के चलते गांव में विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

जल जीवन मिशन से हर घर तक पहुंचा नल कनेक्शन

वर्षों तक पेयजल संकट से जूझते इस गांव में अब जल जीवन मिशन के तहत 63 घरों तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से अब प्रत्येक घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। पहले जहां ग्रामीणों को कुओं और नालों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब घर पर ही पानी मिलने से उनकी दैनिक दिनचर्या सरल हो गई है।

महिलाओं को मिली बड़ी राहत

गांव की महिलाओं के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहतभरा साबित हुआ है। पहले पानी लाने में दिन का बड़ा हिस्सा व्यतीत हो जाता था, लेकिन अब नल-जल सुविधा मिलने से उन्हें समय की बचत के साथ अन्य कार्यों में भी भागीदारी का अवसर मिल रहा है।

स्वास्थ्य और आजीविका में सुधार

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में कमी आई है। इसके साथ ही ग्रामीण अब अपने घरों के आसपास सब्जी उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उन्हें पोषण के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त हो रहा है। टमाटर, मिर्च और बरबट्टी जैसी फसलों की खेती से गांव की आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल रहा है।

विकास और विश्वास की नई कहानी

नक्सल प्रभावित इस दूरस्थ क्षेत्र में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्राम हेटारकसा आज इस बात का प्रमाण बन चुका है कि जब सुरक्षा, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो परिवर्तन की नई धारा सबसे कठिन क्षेत्रों तक भी पहुंच सकती है।

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