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नेपाल की नई सरकार की दिशा पर नजर: क्या भारत रहेगा प्राथमिकता, मई में विदेश सचिव का अहम दौरा

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नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026

नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार की विदेश नीति को लेकर कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह को भारत आने का न्योता दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन दौरे की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं। इसी बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी के मई में नेपाल दौरे की संभावना जताई जा रही है, जिसे दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्क की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

नई सरकार की प्राथमिकताओं पर होगी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, विक्रम मिसरी का संभावित दौरा 11-12 मई को हो सकता है, जिसमें भारत-नेपाल संबंधों के भविष्य और बालेन शाह सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान भारत यात्रा को लेकर औपचारिक प्रस्ताव भी सौंपा जाएगा। फिलहाल नेपाल सरकार अमेरिका और चीन के साथ उच्च स्तरीय बैठकों में व्यस्त है, ऐसे में भारत के साथ संतुलन कैसे साधा जाएगा, इस पर सभी की नजर है।

भारत या चीन? पहले दौरे को लेकर अटकलें तेज
बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि उनका पहला विदेश दौरा भारत होगा या चीन। नेपाल के राजनीतिक इतिहास में जहां नेपाली कांग्रेस का झुकाव भारत की ओर रहा है, वहीं वामपंथी सरकारें चीन के करीब नजर आई हैं। ऐसे में शाह सरकार किस दिशा में जाएगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

भारत-नेपाल संबंधों की गहराई
भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक रूप से बेहद गहरे रहे हैं, जिन्हें “रोटी-बेटी” के रिश्ते के रूप में जाना जाता है। नेपाल अपनी कई आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्यान्न, दवाइयां और पेट्रोल-डीजल के लिए भारत पर निर्भर रहा है। खासतौर पर नेपाल को 100 फीसदी रिफाइंड पेट्रोल-डीजल भारत से ही मिलता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच संतुलित और मजबूत संबंध बनाए रखना रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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