दिल्ली हाईकोर्ट ने लॉरेंस ऑफ पंजाब रिलीज मामले में सुनवाई बंद की, जानें वजह
दिल्ली हाईकोर्ट ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की उस याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है, जिसमें उन्होंने OTT प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित डॉक्यूसीरीज “लॉरेंस ऑफ पंजाब” की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। अदालत ने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय पहले ही सुरक्षा कारणों से इस सीरीज को रिलीज न करने की सलाह दे चुका है, ऐसे में इस मामले में आगे हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
यह आदेश जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मंत्रालय की सलाह वापस नहीं ली जाती, तब तक इस डॉक्यूसीरीज की रिलीज संभव नहीं है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने आशंका जताई कि निर्माता पात्रों के नाम बदलकर या अन्य रूप में सीरीज रिलीज कर सकते हैं, जिससे विवाद दोबारा खड़ा हो सकता है। इस पर अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता दोबारा कानूनी विकल्प अपना सकते हैं।
वहीं, OTT प्लेटफॉर्म की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 23 और 24 अप्रैल को जारी मंत्रालय की एडवाइजरी को वे चुनौती देने जा रहे हैं। उनका तर्क था कि मौजूदा याचिका इस पीठ के समक्ष सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि इसमें क्षेत्राधिकार (ज्यूरिस्डिक्शन) का मुद्दा भी शामिल है।
अधिवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि इस एडवाइजरी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी, क्योंकि यह पंजाब पुलिस के इनपुट पर आधारित है।
गौरतलब है कि 33 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की जेल में बंद है और कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी मुख्य आरोपियों में शामिल है।
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