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तिरुपति में केश दान का महारिकॉर्ड, 283 टन मानव बाल बेचकर TTD कमाएगा 176 करोड़ रुपये

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तिरुपति, 15 जून 2026

आंध्र प्रदेश के भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में केश दान की परंपरा ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अनुसार मई 2026 में केवल 27 दिनों के भीतर 12.43 लाख श्रद्धालुओं ने अपने बाल दान किए। इस रिकॉर्ड के बाद मंदिर प्रशासन को चालू वित्त वर्ष में मानव बालों की बिक्री से 176 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।

TTD के आंकड़ों के मुताबिक, मई 2024 में 10.65 लाख और मई 2025 में 10.18 लाख श्रद्धालुओं ने केश दान किया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 12.43 लाख पहुंच गई। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सीधा असर मंदिर की आय पर दिखाई दे रहा है।

283 टन मानव बालों की होगी ई-नीलामी

मंदिर प्रशासन ने करीब 2.83 लाख किलोग्राम (283 टन) मानव बालों की वैश्विक ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बाजार में छोटे बालों की कीमत लगभग 135 रुपये प्रति किलो तय की गई है, जबकि लंबे और प्रीमियम गुणवत्ता वाले बालों की कीमत 20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।

क्यों किया जाता है केश दान?

तिरुपति में केश दान की परंपरा को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने के लिए भक्त अपने बाल अर्पित करते हैं। इसे ‘कल्याणकट्टा’ परंपरा कहा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर ने कुबेर से लिया गया ऋण चुकाने का संकल्प लिया था। माना जाता है कि जो भक्त यहां केश दान करता है, उस पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है और उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

नीला देवी की कथा से जुड़ी है परंपरा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान बालाजी के सिर पर घाव होने के बाद मां नीला देवी ने अपने बाल काटकर उन्हें अर्पित किए थे। इससे भगवान का घाव भर गया। तब भगवान ने आशीर्वाद दिया कि जो भी श्रद्धालु उनके लिए अपने बालों का त्याग करेगा, उसकी इच्छाएं पूरी होंगी। इसी मान्यता के चलते आज भी लाखों श्रद्धालु तिरुपति में मुंडन कराते हैं।

बालों का क्या होता है?

मंदिर में एकत्र किए गए बालों का उपयोग विग, हेयर एक्सटेंशन और ब्यूटी इंडस्ट्री में किया जाता है। बीते वर्षों में बालों की नीलामी से मंदिर की आय लगातार बढ़ी है। 2020-21 में जहां लगभग 67 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी, वहीं बाद के वर्षों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता गया। अब 2026-27 में 176 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय की उम्मीद जताई जा रही है।

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