सिम्पलेक्स एमडी संगीता शाह का बड़ा आरोप, DSP पर ब्लैकमेलिंग और संपत्ति हड़पने की साजिश का दावा
15 मई 2026 | रायपुर
करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज होने के बाद संगीता केतन शाह ने पुलिस अधिकारी विशाल सोन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिम्पलेक्स कास्टिंग्स की एमडी संगीता शाह ने अखबार में जारी आम सूचना में दावा किया कि DSP स्तर के अधिकारी विशाल सोन ने उन्हें ब्लैकमेल कर कंपनी की चल-अचल संपत्तियों पर कब्जा करने की साजिश रची। संगीता शाह और उनके पति केतन शाह के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज है और गिरफ्तारी की आशंका बनी हुई है।
भाजपा टिकट दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप
संगीता शाह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013-14 में दुर्ग जिले में थाना प्रभारी रहे विशाल सोन से उनकी पहचान हुई थी। उन्होंने दावा किया कि सोन ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध होने का हवाला देकर वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिलाने का भरोसा दिया और इस नाम पर कई बार पैसे लिए।
चुनाव प्रचार में शामिल होने का भी दावा
संगीता शाह ने कहा कि विशाल सोन ने चुनाव के दौरान फर्जी मेडिकल लीव लेकर ड्यूटी से छुट्टी ली और चुनाव प्रचार व रैलियों में भी शामिल रहा। उनके अनुसार, कंपनी में लगातार आना-जाना होने के कारण अधिकारी को कंपनी के अंदरूनी विवादों की जानकारी मिल गई थी।
कंपनी की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश का आरोप
आम सूचना में संगीता शाह ने आरोप लगाया कि विशाल सोन ने अपने करीबी लोगों, जमीन कारोबारियों, सिविल ठेकेदारों और कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर कंपनी की संपत्तियों को विवादित बनाकर कब्जा करने की कोशिश की। इसमें पुलगांव और कोहका-जुनवानी स्थित जमीन, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, वाहन और अन्य संपत्तियां शामिल बताई गई हैं।
पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने का दावा
संगीता शाह ने बताया कि उन्होंने 6 फरवरी 2026 को पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विशाल सोन बड़े अधिकारियों, नेताओं और मंत्रियों से संबंध होने का हवाला देकर कंपनी बंद करवाने और उन्हें सड़क पर लाने की धमकी देता रहा।
मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप
संगीता शाह ने कहा कि लगातार ब्लैकमेलिंग और दबाव के कारण वह मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजर रही हैं और परिवार से अलग रहने को मजबूर हैं। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन या पुलिस अधिकारी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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