रायपुर नगर निगम में बड़ा सियासी धमाका: भाजपा पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी के खिलाफ खोला मोर्चा, लगाया अवैध वसूली का आरोप
रायपुर।27 मई
रायपुर नगर निगम में पिछले 15 दिनों से भारी सियासी भूचाल मचा हुआ है। जोन 10 के सभी 6 भाजपा पार्षद एकजुट होकर अपनी ही पार्टी के पार्षद और जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी को हटाने के लिए लामबंद हो गए हैं। इस संबंध में पार्षदों ने महापौर मीनल चौबे से तीन बार मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी है। इसके साथ ही भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, सभापति सूर्यकांत राठौर, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और क्षेत्रीय विधायक के सामने पक्ष रखकर दो घंटे तक बैठक की और मेघानी को तत्काल हटाने की मांग की। महिला पार्षदों सहित सभी ने चेतावनी दी है कि यदि सचिन मेघानी को जल्द नहीं हटाया गया, तो वे जोन-10 कार्यालय में तालाबंदी कर धरने पर बैठ जाएंगे।
आज मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक के बाद हुई प्रेसवार्ता में जब पत्रकारों ने महापौर मीनल चौबे से इस शिकायती पत्र पर सवाल किया, तो उन्होंने माना कि पार्षदों ने शिकायत की है। महापौर ने कहा कि इस विषय पर अभी सभी पक्षों और संगठन के वरिष्ठों से बातचीत करने के बाद ही कुछ कहना उचित होगा।
पार्षदों के खिलाफ लोगों को भड़काने और अवैध वसूली का आरोप
जोन 10 के सभी वार्डों में अवैध वसूली की गतिविधियों से आम जनता त्रस्त है। इसके साथ ही जोन अध्यक्ष पर आरोप है कि वे स्थानीय लोगों के बीच वार्ड पार्षदों के खिलाफ लगातार झूठ फैलाते हैं। जब भी किसी निर्माण या मामले में कार्रवाई होती है, तो वे जनता से कहते हैं कि “इसकी शिकायत आपके वार्ड पार्षद ने ही की थी।” इन हरकतों और पार्षदों के खिलाफ लोगों को भड़काने की साजिश के कारण क्षेत्र की जनता और पार्षदों में खासा आक्रोश है।

अवैध वसूली के लिए घूमती है 8-10 लड़कों की गैंग
पार्षदों का गंभीर आरोप है कि जोन में मकान बनाने वाले गरीब आदमी तक को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं को बताया कि जोन के सभी वार्डों में सुबह से 8-10 लड़कों की एक गैंग घूमती है। कहीं भी कोई मकान, दुकान या छोटा-बड़ा निर्माण कार्य होता है, तो ये लड़के उसकी फोटो खींच लेते हैं। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को जोन कार्यालय बुलाया जाता है और ‘सेटलमेंट’ के नाम पर मानसिक व आर्थिक रूप से तंग किया जाता है।
अवैध निर्माण को संरक्षण और कार्रवाई रोकने के गंभीर आरोप
पार्षदों ने सचिन मेघानी पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने, निर्माणाधीन कार्यों व अवैध कब्जों को लेकर वसूली करने और निगम की कार्रवाई को बाधित करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि जोन अध्यक्ष के चलते अवैध कब्जों और अवैध गुमठियों पर कार्रवाई नहीं हो पाती।
पार्षदों ने हाल ही में एक अवैध अस्पताल पर कार्रवाई रोकने के मामले का हवाला देते हुए बताया कि बोरियाकला में कमल विहार के पास, नगर निगम की टीम लगभग 35 हजार वर्ग फीट में बने एक अवैध अस्पताल को ढहाने गई थी। कार्रवाई शुरू भी हो चुकी थी, लेकिन जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी ने वहां पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया और दबाव बनाकर टीम को बिना कार्रवाई के वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
अनावश्यक हस्तक्षेप से पार्षद परेशान, संगठन को सौंपा पत्र
पार्षदों ने वरिष्ठ नेताओं को सौंपे पत्र में साफ लिखा है:
“निवेदन है कि हमारे रायपुर नगर निगम के अन्तर्गत जोन क्र. 10 के जोन अध्यक्ष श्री सचिन मेघानी जी द्वारा कार्यों में अनियमितता बरतने और लगातार दूसरे वार्डों के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने के कारण अन्य पार्षदों से आपसी सामंजस्य नहीं बैठ पा रहा है। इससे जोन क्र. 10 के समस्त पार्षदगण बेहद असंतुष्ट हैं और उन्हें पद से हटाना चाहते हैं। अतः मांग को ध्यान में रखते हुए तुरंत जोन अध्यक्ष को हटाए जाने की कार्रवाई करें।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के खास हैं मेघानी
सचिन मेघानी ने पार्षद के रूप में अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ा है। वे सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बेहद करीबी माने जाते हैं और उन्हें टिकट मिलने के पीछे भी वरिष्ठ नेता का ही हाथ था। यही कारण है कि लंबे समय से शिकायत मिलने के बावजूद अब तक संगठन स्तर पर मेघानी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने की आशंका जताई जा रही है।

तालाबंदी और इस्तीफे की चेतावनी
पार्षदों ने दोटूक शब्दों में महापौर और जिला अध्यक्ष से कह दिया है कि वे अपने-अपने वार्डों में जोन अध्यक्ष के बेजा हस्तक्षेप से तंग आ चुके हैं। अगर सचिन मेघानी को पद से मुक्त नहीं किया गया, तो वे जोन कार्यालय में तालाबंदी कर वहीं धरने पर बैठ जाएंगे और जरूरत पड़ने पर इससे भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
आरोप निराधार, यह संगठन का मामला: सचिन मेघानी
दूसरी ओर, जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे निराधार बताया है। उन्होंने उल्टा पार्षदों की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े किए हैं। खुद को हटाए जाने की मांग पर सचिन ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरा विषय संगठन का है, इसलिए वे इस मामले पर संगठन के बाहर कुछ नहीं कहेंगे।
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