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त्विषा मौत केस में CBI का बड़ा एक्शन: 80 किलो की डमी और 3D रीक्रिएशन से खुलेगा मौत का रहस्य

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नई दिल्ली, 30 मई

बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच में CBI ने बड़ा कदम उठाया है। जांच एजेंसी ने आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को रिमांड पर लेकर मामले की तह तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच की व्यापक तैयारी की है।

CBI सूत्रों के अनुसार, एजेंसी घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए 80 किलो वजनी डमी, 3D सीन रीक्रिएशन और बेल्ट स्ट्रेंथ टेस्ट का सहारा लेगी। जांच का फोकस इस बात पर है कि घटना की रात जो दावा किया गया, वह वास्तविक परिस्थितियों से मेल खाता है या नहीं।

पूछताछ के दौरान CBI ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह से सवाल किया कि एफआईआर दर्ज होने से पहले अग्रिम जमानत की अर्जी क्यों लगाई गई और समर्थ सिंह को फरार होने की सलाह क्यों दी गई? इस पर गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर इसे अपनी बड़ी गलती बताया।

जांच एजेंसी अब भोपाल स्थित घटनास्थल पर 3D मैपिंग के जरिए पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण करेगी। त्विषा के वजन के बराबर डमी को फंदे पर लटकाकर घटना की परिस्थितियों को दोहराया जाएगा। साथ ही, गिरिबाला सिंह को फंदे की गांठ खोलने की प्रक्रिया भी दोबारा दिखानी होगी।

CBI उस बेल्ट की भी फोरेंसिक जांच कराएगी, जिससे फंदा लगाने का दावा किया गया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि बेल्ट वास्तव में इतना वजन सहन कर सकती थी या नहीं।

जांच में यह भी सामने आया है कि समर्थ सिंह के बयानों में लगातार विरोधाभास पाया जा रहा है। इसे देखते हुए CBI पहले मां-बेटे से अलग-अलग पूछताछ करेगी, फिर उनके बयानों का मिलान कर आवश्यक होने पर आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब करेगी।

CBI का मानना है कि वैज्ञानिक जांच और फोरेंसिक विश्लेषण से मामले की कई अहम परतें खुल सकती हैं, जिससे त्विषा शर्मा की मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकेंगी।

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